जादुई घड़ा की कहानी : Jadui Ghada ki kahani :



हेलो दोस्तों, स्वागत आप सबका हमारी वेबसाइट oneanonlyvihat.com पर, मैं आज फिर से आपके लिए एक नई कहानी (new story) लेकर हाजिर हु. आज की हमारी कहानी है जादुई घड़ा (Jadui Ghada) के बारे में! तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं हमारी आज की जादुई घड़ा(jadui ghada) की कहानी(kahani).


जादुई घड़ा - Jadui Ghada : Story for kids in hindi


jadui ghada
जादुई घड़ा (jadui ghada)



जादुई घड़ा (jadui ghada) - hindi kahani :   किसी एक गांव में एक किसान रहता था! जिसका नाम रघु था! रघु काफी ही मेहनती इंसान था! वह रोज सुबह जल्दी उठकर अपने खेत मैं जा कर खेती करता था!

 एक दिन वह अपने खेत में खेती करने के लिए गड्ढा खोद रहा था! तभी उसकी कुदाल से कोई चीज टकराई! रघु ने पूरा खोदकर देखा तो उसमें से एक मटका निकला! वह मटका काफी बड़ा था! रघु को काफी आश्चर्य हुआ! उसने सोचा इतना बड़ा मटका जमीन में किसने रखा होगा! तभी उसके खाने का समय हो गया और वह अपनी कुदाल को उस घड़े में रखकर भोजन करने चला गया!

 भोजन करने के बाद जब वह वापस आया तो उसने पाया कि उस घड़े में कई सारी कुदाले पड़ी हुई है! यह देख कर उसे बहुत ही हैरानी हुई! उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की यह कैसे हुआ! उसने घड़े में से सारी कुदाले निकाल ली और एक आम का फल उस घड़े  रख में दिया. थोड़ी देर बाद उसने दिखा तो एक आम के बहुत सारे आम हो गए थे! रघु ने आम को बाहर निकाल कर गीना तो वह पूरे सो आम थे! रघु ने वह सारे आम बच्चों में बांट दिए!


अब रघु समझ गया था कि यह कोई सामान्य घड़ा नहीं है, बल्कि कोई जादुई घड़ा है! जिसमें कोई एक चीज रखो तो उसके सो हो जाते है! तभी श्याम होने पर रघु उस घड़े को अपने सिर पर रखकर घर ले गया!


रघु इस जादुई घड़े को पाकर बहुत ही खुश था! इस घड़े से उसका जीवन जरूरी माल सामान उसे बड़ी ही आसानी से मिल जाता था! उसे भूख लगती तो वह घड़े में एक सेब रख देता! उसके सो हो जाते!


कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा! फिर एक दिन रघु के मन में लालच जागी! अब वह घड़े में एक सेब रखता और सो निकालकर बाजार में बेच देता! ऐसा करते-करते वह अमीर बनने लगा!

यह बात गांव के मुखिया को पता चली! उन्हें यह बात खटक ने नहीं लगी! उन्होंने सोचा कि रघु की तो इतनी फसल भी नहीं है! फिर इतने सारे पैसे कहां से आ रहे हैं! तो मुखिया ने अपने दो आदमियों को बुलाया और रघु पर नजर रखने के लिए कहा


एक दिन मुखिया के आदमी रघु के घर में खिड़की से झांक रहे थे. तभी रघु ने घड़े में में एक संतरा रखा और थोड़ी ही देर में सो संतरे निकाल लिए! अब मुखिया के आदमी समझ चुके थे कि रघु कैसे पैसे कमा रहा है! यह बात उन्होंने जाकर मुखिया को बता दी!


अपने आदमियों की बात सुनकर मुखिया ने रघु को घड़े के साथ अपने घर बुलाया! यह बात जानकर रघु को बहुत ही दुख हुआ! लेकिन मुखिया का आदेश था इसलिए वह कुछ कर भी नहीं सकता था! इसलिए वह घड़े लेकर मुखिया के घर गया!


मुखिया ने रघु के सामने ही घड़े मैं एक सोने का सिक्का डाला! और थोड़ी देर में सो सोने के सिक्के हो गए! घड़े को सोने के सिक्कों से भरा हुआ देख मुखिया और उसके दोनों आदमी आपस में झगड़ने लगे और उनके बीच हाथापाई होने लगी! उसी हाथापाई में घड़ा मुखिया के हाथ से छूटकर जमीन पर गिरा और टूट गया! साथ ही सोने के सिक्के भी गायब हो गए!

यह सब देखकर रघु काफी ही निराश हो गया और वहां से चला गया! अब उसे अपनी गलती का एहसास हो चुका था! उसे समझ आ गया था कि यह जो कुछ भी हुआ वह उसकी लालच की वजह से हुआ! अब उसने तय कर लिया था कि वह मेहनत करेगा और पैसे कमाए गा! और जीवन में कभी भी किसी भी चीज की लालच नहीं रखेगा.


सीख (Moral)



लालच बुरी बला है! इंसान को कभी लालची नहीं बनना चाहिए बल्कि मेहनत करके अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और सकारात्मक तरीके से अपना जीवन जीना चाहिए.


Read Also : यह भी पढ़ें 



तो दोस्तों, कहानी पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया! आशा करता हूं कि आप सबको हमारी आज की जादुई घड़ा ( jadui ghada ) की कहानी पसंद आई होगी! ऐसी ही और मजेदार कहानियां (kahaniya) पढ़ने के लिए हमारी इस वेबसाइट oneanonlyvihat.com को दोबारा जरूर विजिट करें... 

धन्यवाद...


Post a Comment

Previous Post Next Post